1. [email protected] : adamtindale37 :
  2. [email protected] : adriannabayldon :
  3. [email protected] : aileenconover :
  4. [email protected] : alhisobel732 :
  5. [email protected] : anaetle :
  6. [email protected] : anneliese45o :
  7. [email protected] : annettpinschof5 :
  8. [email protected] : aureliomkd :
  9. [email protected] : bernadine23v :
  10. [email protected] : bevpeg46568019 :
  11. [email protected] : bibleoma7548733 :
  12. [email protected] : billahn98938216 :
  13. [email protected] : blakelapointe74 :
  14. [email protected] : blephlowthrapo1972 :
  15. [email protected] : brigidafriday71 :
  16. [email protected] : camillabedford2 :
  17. [email protected] : carrollaugustin :
  18. [email protected] : catherinekovach :
  19. [email protected] : chanelxzs137054 :
  20. [email protected] : chastity2422 :
  21. [email protected] : cindifinkel17 :
  22. [email protected] : cliffrenfro :
  23. [email protected] : corinehvs48 :
  24. [email protected] : dariosexton :
  25. [email protected] : delilahparkman6 :
  26. [email protected] : demetra39t :
  27. [email protected] : dewittlions788 :
  28. [email protected] : dillonhennings3 :
  29. [email protected] : dollieveal01369 :
  30. [email protected] : editor :
  31. [email protected] : edwinmeeks265 :
  32. [email protected] : eileenmason7 :
  33. [email protected] : ernesto4701 :
  34. [email protected] : ezequielwest :
  35. [email protected] : ferdinandchun8 :
  36. [email protected] : filomenamcclung :
  37. [email protected] : gabrielle2001 :
  38. [email protected] : gastonskidmore :
  39. [email protected] : genevaotis39228 :
  40. [email protected] : gitagula259925 :
  41. [email protected] : gretchenstreeten :
  42. [email protected] : harrietpan0461 :
  43. [email protected] : harriettcornwell :
  44. [email protected] : hayleytillyard :
  45. [email protected] : herman3043 :
  46. [email protected] : idajeffcott0500 :
  47. [email protected] : indianaennis9 :
  48. [email protected] : jacquettakilfoyl :
  49. [email protected] : jai28e9203282506 :
  50. [email protected] : jamallardner0 :
  51. [email protected] : jeannedonaghy83 :
  52. [email protected] : jerrellgowlland :
  53. [email protected] : jestineheaney35 :
  54. [email protected] : joleenbeem933 :
  55. [email protected] : jonathonazc :
  56. [email protected] : jonnieescamilla :
  57. [email protected] : jorglingle67019 :
  58. [email protected] : josephine1606 :
  59. [email protected] : juliannekyt :
  60. [email protected] : karlplain607542 :
  61. [email protected] : kathleneteece :
  62. [email protected] : keishaw359367698 :
  63. [email protected] : kimberlyapplerot :
  64. [email protected] : kqqroger94 :
  65. [email protected] : kratos :
  66. [email protected] : lamarsceusa25 :
  67. [email protected] : latesharbr :
  68. [email protected] : latiaraney2 :
  69. [email protected] : leatha76s909 :
  70. [email protected] : leonorababbidge :
  71. [email protected] : lilaburdett :
  72. [email protected] : lloydballow60 :
  73. [email protected] : madelaine76i :
  74. [email protected] : mahaliavalenti9 :
  75. [email protected] : mairaboldt :
  76. [email protected] : maple4294413853 :
  77. [email protected] : margaretastrempe :
  78. [email protected] : margeryerlikilyi :
  79. [email protected] : mariomichels45 :
  80. [email protected] : maya96978917376 :
  81. [email protected] : mervinono2 :
  82. [email protected] : mikeloyola2603 :
  83. [email protected] : mirtappp01 :
  84. [email protected] : mohamed21y :
  85. [email protected] : nellie4308 :
  86. [email protected] : otistressler111 :
  87. [email protected] : pat1548391593 :
  88. [email protected] : paulina4920 :
  89. [email protected] : quentinteeple :
  90. [email protected] : randolphligar20 :
  91. [email protected] : regenayxn87 :
  92. [email protected] : reinaldoventers :
  93. [email protected] : renato1824 :
  94. [email protected] : rileyvosper507 :
  95. [email protected] : rocuouh :
  96. [email protected] : romasetme :
  97. [email protected] : rufuslowrie917 :
  98. [email protected] : sally5095281573 :
  99. [email protected] : shaunamcmillan9 :
  100. [email protected] : sherilipscomb76 :
  101. [email protected] : shermancatlett :
  102. [email protected] : standelacruz12 :
  103. [email protected] : suzette50z :
  104. [email protected] : sylvestermakutz :
  105. [email protected] : sylviao91603 :
  106. [email protected] : talzdarreg :
  107. [email protected] : test31494848 :
  108. [email protected] : test43965969 :
  109. [email protected] : test6737221 :
  110. [email protected] : tiffanyherringto :
  111. [email protected] : tylerlindsay59 :
  112. [email protected] : vernonpritchett :
  113. [email protected] : violettelaidler :
  114. [email protected] : waldohutcheson2 :
  115. [email protected] : waldow5841095968 :
  116. [email protected] : wendybrittain7 :
  117. [email protected] : willholcombe298 :
  118. [email protected] : yurgarland :
  119. [email protected] : zack61314479007 :
সোমবার, ২৪ জুন ২০২৪, ১০:৩০ পূর্বাহ্ন

শৈশব থেকেই মুজিব অসহায় মানুষদের পাশে থাকতেন : শেখ রেহানা

দৈনিক সময়ের সংবাদ অনলাইন
  • আপডেট : শুক্রবার, ১৯ মার্চ, ২০২১
  • ৪২১ দেখা হয়েছে

 

জাতির পিতার শততম জন্মদিনে ছোট্ট সোনামনিদের সামনে বঙ্গবন্ধুর শৈশবের গল্প শোনালেন তার ছোট মেয়ে শেখ রেহানা।
বঙ্গবন্ধুর জন্মশতবার্ষিকী উদযাপন উপলক্ষে বুধবার ঢাকার স্কলাস্টিকা স্কুলের এক অনুষ্ঠানে ‘আমার বাবার ছেলেবেলা’ শিরোনামে এক বক্তৃতায় তিনি বঙ্গবন্ধুর শৈশবের নানা ঘটনার পাশাপাশি তাঁর রাজনৈতিক জীবনের নানা বাঁকের কথা তুলে আনেন।
স্বাধীন বাংলাদেশের স্থপতি বঙ্গবন্ধু শেখ মুজিবুর রহমানের জন্ম ১৯২০ সালের ১৭ মার্চ গোপালগঞ্জের টুঙ্গিপাড়ায়। কালক্রমে তাঁর হাত ধরেই বিশ্ব মানচিত্রে নতুন দেশ হিসেবে স্থান করে নেয় বাংলাদেশ।
রেহানা বলেন, ‘আমার দাদা-দাদি, ফুফু, মায়ের মুখে শোনা এবং আব্বার নিজের লেখা অসমাপ্ত আত্মজীবনী থেকে জানতে পারি এসব গল্প। এই শিশুর আগমনে আজানের ধ্বনি, মধুমতি নদীর ঢেউ, পাখিদের কলতানে পুরো গ্রাম যেন আনন্দে মেতে উঠে। সারা গ্রামে মিষ্টি ও খোরমা বিলানো, গরিব দুঃখীদের মাঝে কাপড় বিলানো, মিলাদ পড়ানো নানা আয়োজনে উৎসবে পরিণত হল গ্রামটি।’
একান্নবর্তী পরিবারের শিশুটি সবার আদরে একোল থেকে ওকোলে চড়ে আনন্দেই শিশুকাল পার করছিল।
‘সবার চোখের মনি, বড় দুই বোন তো কোল থেকে নামাতেই চাইতেন না। আরও একটু বড় হওয়ার পর আস্তে আস্তে আরবি বাংলা, ইংরেজি, ফারসি অংকসহ লেখাপড়াটা শুরু করে দিলেন। আব্বার লেখাপড়ার হাতেখড়ি দাদার কাছে।’
শেখ রেহানা বলেন, সব শিশুদের চেয়ে মুজিব ছিলেন একটু অন্যরকম। বাড়ির মুরুব্বি, শিক্ষক, কৃষক, মাঝিভাই সকলেই এক বাক্যে স্বীকার করতেন- এই বাচ্চাটা অন্যসব বাচ্চা থেকে একটু অন্যরকম। এই বাচ্চার মনটা অনেক বড়, অনেক পরোপকারী। কারও দুঃখ-কষ্ট দেখলে এগিয়ে যাওয়া, নিজের জামা খুলে অন্যের গায়ে তুলে দেয়া, খাবার ভাগাভাগি করে খাওয়া দেখে মুগ্ধ নয়নে সবাই তাকাতো, আর দোয়া করত।
‘ছোট্ট মুজিব সবকিছু জানতে চাইতেন। বাবাকে প্রশ্নের ওপর প্রশ্ন করতেন, তার বাবাও ছেলের সব প্রশ্নের উত্তর দিতেন। তিনি বই পড়ে শোনাতেন বড় বড় মানুষের কথা, ধর্মের কথা, বিজ্ঞানের কথা। আবার দাদা আর আমার আব্বা মুজিব ছিলেন ঠিক বন্ধুর মতন। দাদা যেমন শ্রদ্ধা আর সমীহ করে চলতেন, তেমনি সবকিছু তার সাথেই নিঃসংকোচে আলোচনা করতেন। কোনো দিনও তার খোকাকে কোনো কাজে বাধা দিতেন না।”
শৈশব থেকেই যে মুজিব অসহায় মানুষদের পাশে থাকতেন, সে কথাও শিশুদের সামনে তুলে ধরেন রেহানা।
‘একবার এলাকায় খুব প্রাকৃতিক দুর্যোগ হল, ফসলের অনেক ক্ষতি হল। ঘরে ঘরে খাবারের জন্য হাহাকার। ছোট মুজিবের মনে মানুষের জন্য অনেক কষ্ট। দাদা দাদিকে বলে আমাদের গোলা ঘর থেকে ধান চাল বিলানো শুরু করলেন। ছোট ছোট ছেলে মেয়েদের নিয়ে বাড়ি বাড়ি গিয়ে চাল সংগ্রহ করে যাদের নেই তাদের কাছে পৌঁছে দিতেন।
‘একবার আমার দাদা কলকাতা থেকে সুন্দর একটা আলোয়ান (চাদর) কিনে আনলেন মুজিবের জন্য। মুজিব সেটা পরে বাইরে বের হলেন ঘুরতে। ফেরার পথে দেখেন জীর্ণশীর্ণ বয়স্ক মানুষ গাছের নিচে বসে প্রচন্ড শীতে কাঁপছে। আব্বা সেটা দেখে নিজের চাদরটা তার গায়ে পরিয়ে দিয়ে বাড়ি চলে আসলেন শীতে কাঁপতে কাঁপতে।’
চোখে সমস্যা দেখা দেওয়াই শৈশবেই মুজিবের চোখে অপারেশন করা হয়। এরপর চশমা পরা নিয়ে কতটা বিড়ম্বনায় পড়েছিলেন সে গল্পও উঠে আসে তার মেয়ের বর্ণনায়।
শেখ রেহানা বলেন, তার দাদা প্রচুর বই কিনে আনতেন। ইতিহাস, ভুগোল, ইংরেজি, বাংলা, ধর্ম, বিজ্ঞান, সাহিত্য, বড় বড় মনীষীদের জীবনী, ব্রিটিশদের অত্যাচারের কথা। তিনি নিজেই ছেলেকে পড়ে শোনাতেন।
টুঙ্গিপাড়া থেকে গোপালগঞ্জে এনে মিশনারী স্কুলে ভর্তি করা হলো মুজিবকে। বাবার সঙ্গে গোপালগঞ্জ শহরেই থাকতেন।
শেখ রেহানা বলেন, ‘সুদর্শন বালক, চোখে চশমা- ক্লাসের সবার সঙ্গে খুব ভাব হয়ে গেল। বয়সে বড় দেখে ক্লাসে সবাই মিয়াভাই ও ভাইজান বলে ডাকে।
‘এই কিশোর বালকের মধ্যে একটা বিশেষ বৈশিষ্ট্য ছিল। সর্বস্তরের মানুষের সাথে মিশে যেতে পারত। একবার কেউ উনার সান্নিধ্যে এলে সে ভক্ত হয়ে যেত। ঠিক চুম্বকের মতন আকর্ষণ করত।’
একবার খাদ্যাভাব দেখা দিলে কিশোর মুজিব কী করে স্কুলের ছাত্র-শিক্ষক সবাইকে নিয়ে বাড়ি বাড়ি গিয়ে চাল সংগ্রহ করে অনাহারীদের মধ্যে বিলিয়ে দিয়েছিলেন, সেই গল্পও শেখ রেহানা বলেন।
‘কিশোর মুজিবের নাম তখন গোপালগঞ্জে অনেক জনপ্রিয়। যত সুনাম হতে লাগল, ততই কিছু ছাত্র-মানুষের হিংসার পাত্র হয়ে উঠতে লাগল সে। আজেবাজে নালিশ করে দাদার কান ভারী করার চেষ্টা করতে লাগল। শেখ লুৎফর রহমান সাহেবের সন্তানের ওপর অগাধ বিশ্বাস। খোকা কোনো অন্যায় কাজ করতে পারে না। দু একটা দুষ্টুমিতো জানতোই। বাবা জানতে চাইলে উনি মাথা নিচু করে দোষ স্বীকার করতেন।’
শেখ রেহানা বলেন, খেলাধুলা, মানুষের জন্য কিছু করা এই ভাবনাতেই মেতে থাকতেন কিশোর মুজিব। খেলাধুলার পাশাপাশি গান-নাচও চলত। ব্রতচারী একটা সংগঠন ছিল। সেখানে নাচ-গান হত, ঢোল বাজিয়ে গান-নাচ করে মানুষের দুঃখ দুর্দশা বর্ণনা করা হত। এই দলেও যোগ দিলেন মুজিব। তাতে তরুণদের শরীরচর্চাও হত, গানের ভাষায় সবার কাছে মানুষের দুঃখ-দুর্দশার কথাও পৌঁছে যেত।
একবার ছাত্র ও সরকারি কর্মকর্তাদের মধ্যে ফুটবল প্রতিযোগিতা হয়েছিল, সেখাবে বাবার বিপক্ষে ছাত্রদের দলনেতা হয়েছিলেন শেখ মুজিব। শেষ পর্যন্ত বাবা শেখ লুৎফর রহমানের দল জিতে যায়।
মুজিবের রাজনৈতিক জীবনে প্রবেশের কথাও শোনান শেখ রেহানা। ১৯৩৮ সালে হোসেন শহীদ সোহরাওয়ার্দী ও শেরেবাংলা একে ফজলুল হক গিয়েছিলেন গোপালগঞ্জে। সেখানে অনুষ্ঠান শেষে ফিরে যাওয়ার সময় সোহরাওয়ার্দী মুজিবের নাম, ঠিকানা নেন এবং কলকাতায় তার নিজের ঠিকানা দেন।
‘সোহরাওয়ার্দী সাহেব যাওয়ার সময় বলে গেলেন, ‘মুজিব তুমি এখানে একটা সংগঠন কর। মুসলমান ছেলেদের নিয়ে। মুসলিম পরিষদ নাম দিয়ে।’ এই কথা শুনে মুজিবের খুশিতো আর ধরে না। যেন মনের কথাটাই উনি বলে গেলেন। সেটাই শেখ মুজিবুর রহমানের রাজনৈতিক জীবনের হাতেখড়ি। তাও কিনা হোসেন শহীদ সোহরাওয়ার্দী সাহেবের কাছ থেকে।’
দুরন্তপনার ওই বয়স না পেরুতেই সংসারজীবনে পা রাখতে হয় শেখ মুজিবুর রহমানকে। বিয়ে হয় ফজিলাতুন্নেছা রেনুর সঙ্গে।
নিজের মা-বাবার সেই গল্প আজকের শিশুদের শুনিয়ে শেখ রেহানা বলেন, ‘মুজিবের বেস্ট ফ্রেন্ড ছিলেন রেনু। জীবনে চলার পথে এমন কিছু ছিল না যে, দুই বন্ধু মিলে আলোচনা না করতেন এবং একইসাথে পৃথিবী থেকে দুজন বিদায় নিয়েছেন।’
বঙ্গবন্ধুর জীবনে তাঁর বাবা শেখ লুৎফর রহমানের প্রভাব তুলে ধরে রেহানা বলেন, ‘আমার আব্বার জীবনে শেখ লুৎফর রহমান ছিলেন সবচাইতে শ্রদ্ধার পাত্র। তার শিক্ষাগুরু।’
বঙ্গবন্ধু হত্যাকান্ডের ঘটনা বলতে গিয়ে রেহানা শিশুদের তুলনা দিলেন কার্টুন ছবি থেকে।
‘সোনামনিরা, তোমরা নিশ্চয় কার্টুন দেখতে পছন্দ কর। আমি কিন্তু দারুণ ভালোবাসি। লায়ন কিং কার্টুনে নিজের কাছের লোক যেভাবে বিশ্বাসঘাকতা করল, মুজিবের সাথেও খুব ঘনিষ্ঠ কিছু দুষ্ট লোক হিংসা, ষড়যন্ত্র করে পৃথিবী থেকে সরিয়ে দিল।’
১৯৭৫ সালের ১৫ অগাস্ট বঙ্গবন্ধু শেখ মুজিবুর রহমান সপরিবারে নিহত হন। সে সময় দেশের বাইরে থাকায় প্রাণে বেঁচে যান দুই মেয়ে শেখ হাসিনা ও শেখ রেহানা।
সে সময় থেকে দুই বোনের সংগ্রামের কথা তুলে ধরে রেহানা বলেন, ‘আমরা দু’বোন একে-অপরের পাশে আছি। দুজন দুজনকে সাহায্য করি। খুব ভালোবাসি।’

বাসস

Please Share This Post in Your Social Media

মন্তব্য করুন

আপনার ই-মেইল এ্যাড্রেস প্রকাশিত হবে না।

এই বিভাগের আরো সংবাদ
দৈনিক সময়ের সংবাদ.কম প্রকাশিত/প্রচারিত কোনো সংবাদ, তথ্য, ছবি, আলোকচিত্র, রেখাচিত্র, ভিডিওচিত্র, অডিও কনটেন্ট কপিরাইট আইনে পূর্বানুমতি ছাড়া ব্যবহার করা যাবে না।
Theme Customized BY NewsFresh.Com
WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com